Tuesday, 5 June 2012

16 जून 2012 अजमेर राष्ट्र भक्तों का एकत्रीकरण

16 जून 2012
प्रातः 09.00 बजे 
अजमेर 
महाराजा  दाहर सेन स्मारक 
राष्ट्र भक्तों का एकत्रीकरण 

महाराजा दाहरसेन के 16 जून को होने वाले कार्यक्रम के स्टीकर का विमोचन

                                   


सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन समारोह समिति
महाराजा दाहरसेन के 16 जून को होने वाले कार्यक्रम के स्टीकर का विमोचन

अजमेर- 4 जून -  सिन्धुपति महाराजा द्ाहरसेन के 1300वें बलिदान दिवस में उपलक्ष में 16 जून को होने वाले कार्यक्रम के प्रचार प्रसार सामग्री, स्टीकर आदि का विमोचन हरिशेवा धाम, भीलवाडा के श्री महन्त व  अखिल भारतीय सिन्धी साधु समाज के संरक्षक स्वामी हंसराज जी उदासीन व ईश्वर मनोहर उदासीन आश्रम,अजमेर के महन्त स्वामी स्वरूपदास जी उदासी द्वारा किया गया ।

विमोचन के  अवसर पर श्रीमहन्त स्वामी हंसराम जी ने कहा कि राष्ट््र रक्षा के लिए महाराजा द्ाहरसेन का बलिदान इतिहास में सदा प्रेरणादायी रहा है और इससे प्रेरणा लेनी चाहिये । इस अवसर पर स्वामी हंसराम जी महारजा द्ाहरसेन के स्मारक पर भी पहुंचे एवं आगामी 16 जून को बलिदान दिवस पर हो रही तैयारियों पर समारोह समिति के सदस्यों से जानकारी प्राप्त कर प्रसन्नता व्यक्त की । इस प्रेरणादायी स्मारक को सरकार को राष्ट्र्ीय धरोहर घोषित करे ।   

        उल्लेखनीय है कि आगामी 16 जून 2012 को प्रातः 9.00 बजे से स्थानीय सिन्धुपति महाराजा द्ाहरसेन स्मारक पर कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा ।


Rinkle Kumari


TUESDAY, APRIL 17, 2012


Rinkle Kumari.

Why You (Mother) gave me Birth?

Rinkle Kumari

I do not know,
Why I am sending on Land,
Where nothing is for us?
Mother!
Where are you?
I am calling you,
I need your cradle,
I want weep and cry loudly,
Here in this dark room,
Everyone’s eyes are horror,
They told me,
I must obey them,
Otherwise, they stop my breath forever,
I do not know,
Where are you and queen of Justice?
Have you remembered?
When you told me once,
Your honesty would give you safe shelter,
Ahh … Mother why don’t you come here and see yourself,
My honesty and loyalty with land,
Gives me dark room and Forcible Orders,
I don’t ask anything,
Only calling you Mother,
I need your cradle and weep loudly,
Can’t you give me your cradle for a moment?
Mother! Tell me why you gave me Birth?   (Helena)

Published in Bolan Voice Magazine on April 2012

Friday, 1 June 2012

YOU ARE COORDIALLY INVITED WITH ALL THE MEMBERS OF FAMILY


YOU ARE COORDIALLY INVITED WITH ALL THE MEMBERS OF FAMILY

सिन्धुपति महाराजा दाहिरसेन जो 1300वां बलिदान दींह 16 जून 2012

राजस्थान जी जमीन ते रचियो वेन्दो इतिहास
हर हिक सिन्‍धी परिवार खे हिस्‍सेदार,गवाह थियणु आहे

16 जून 2012 ते राजस्थान जे अजमेर सिथत महाराजा दाहिरसेन जो स्मारक गवाह थीन्दो राजस्थान जी सिनिधयत जे इतिहास में, जडिंह राजस्थान जे नढिंरा-नढिंरा गांव, कस्बनि ऐं शहरनि जा सिन्धी भाउर गदु थीन्दा। न फकत सिन्ध, बलिक हिन्द जी शान सिन्धुपति महाराजा दाहिरसेन जे 1300वें बलिदान दींह ते उनखे भावपूर्ण श्रद्धांजलि दियण लाइ। इहा त अटिकल सभिनी खे जाण आहे त सिन्ध जे महाराजा दाहिरसेन अरबनि जे आक्रान्ता मोहम्मद बिन कासिम जे आक्रमण जो वीरता सां सामनो कयो। जयचंद जे षडयन्त्र जे सबब उन्हनि खे दुर्भाग्य सां हार जो सामनो करिणो पियो। पर उन्हनि जी अदभुत वीरता सां दिनल बलिदान जे करे सजे हिन्दुत्व खे गौरवानिवत करे दिनो।

भारतीय सिन्धु सभा जी राजस्थान र्इकार्इ जा अध्यक्ष श्री लेखराज माधू बुधायो त हिन दींह राजस्थान जे हरहिक गांव, कस्बे ऐं शहरनि जा प्रतिनिधि शामिल थीन्दा, जिते बि सिन्धी भाउर रहन्दा आहिन। गदोगदु विदेशनि में रहण वारा सिन्धी भाउर खे बि हिन ऐतिहासिक मौके ते आहूत यज्ञ में पहिंजी आहूति दियण लाइ नींड दिनी वेर्इ आहे। देश भर जे सिन्धी संत समाज बि हिन कार्यक्रम में पहिंजी धर्म ध्वजा सां गदु शामिल थीन्दा। 
श्री माधू इहो बि बुधायो त सिन्धी संस्—ति, सिन्धी भाषा ऐं सिनिधयत खे बचाये रखण लाइ संकलिपत भारतीय सिन्धु सभा सिन्धुपति महाराजा दाहिरसेन, जहिं हिन्दुत्व जी आन-बान जे लाइ न फकत पहिंजे बलिक सजे परिवार जो आत्मोसर्ग देश हित में कयो हो, उन्हनि जे 1300वें बलिदान दींह ते सच्ची श्रद्वाजंलि दियण लाइ ऐं सजे हिन्दू समाज जो सहकार वठण लाइ इहो कार्यक्रम रखियो वियो आहे। कार्यक्रम में सिन्धी समाज जी भागीदारी लाइ सभिनी पंचायतुनि, समाज जे सन्तनि ऐं विभिन्न संस्थाउनि जे सहयोग जी अपील कर्इ आहे। 
पहिरियें चरण में कार्यक्रम जो प्रचार-प्रसार करे जन सामान्य खे विशाल कार्यक्रम जी जाण दियण लाइ भारतीय सिन्धु सभा जी सजी प्रदेश कार्यकारिणी सजे प्रान्त में दौरा करे सूचना पत्रकनि, हेण्डबिल्स ऐं स्टीकर्स जे माध्यंम सां वदी तादाद में 16 जून ते अजमेर अचण जी नींड दिनी आहे।
भारतीय सिन्धु सभा जे प्रदेश संगठन मन्त्री श्री मोहनलाल वाधवाणी बुधायो त सभा पारां सजे साल खे बलिदान साल घोषित कयो वियो आहे ऐं दिसम्बर महिने सां र्इ हर महिने सिन्धु सभा जी विभिन्न इकार्इयुनि पारां समाजोपयोगी कार्यक्रम आयोजित कया विया आहिन। इन्हीं कड़ीअ में मार्च महिने में युवा सम्मेलन ऐं बुद्विजीवी सम्मेलन आयोजित कया वेन्दा। चेटीचण्ड जे मौके ते विभिन्न पत्र-पत्रिकाउनि में महाराजा दाहिरसेन विशेषांक प्रकाशित कया वेन्दा। 
उन्हनि बुधायो त सुखद संयोग आहे त राजस्थान जी सभ खां वधीक विकरिण वारी पाक्षिक पत्रिका पाथेयकण पहिंजे इन्दड अंक खे महाराजा दाहिरसेन विशेषांक ऐं सिन्धी संस्—ति ते र्इ केनिæत रखण जो फैसिलो कयो आहे। अप्रेल 2012 में सिन्धी भाषा दींह ऐं साहित्यकार सम्मेलन आयोजित कया वेन्दा। मर्इ 2012 में सांस्—तिक कार्यक्रम गीत, संगीत, नाटक, भगत, कविता, सिन्धी पिकचर्स जे माध्यम सां जन जागृति जा कार्यक्रम आयोजित कया वेन्दा। 1 खां 14 जून तांर्इं दाहिरसेन पखवाडो ऐं 15 जून ते अजमेर में अखिल भारतीय सिन्धी सन्त सम्मेलन ऐं विश्व सिन्धी सम्मेलन, अखिल भारतीय सिन्धी पत्रकार, सिन्धी साहित्यकार सम्मेलन आयोजित कया वेंदा।
उन्हनि इहो बि बुधायो त 16 जून 2012 ते सिन्धुपति महाराजा दाहरसेन स्मारक अजमेर में समापन समारोह में सजे प्रान्त ऐं दुनिया जे विभिन्न देषनि मां आयल एन.आर.आर्इ. ऐं देश भर जे सन्तनि जी छत्रछाया में दुनिया जे सभ खां विशाल हिन्दू संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जे प्रमुख मा0 मोहन जी भागवत जी अध्यक्षता में अ¥ां तार्इं जो सभ खां वदे सिन्धी कार्यक्रम जो आयोजन थीन्दो, जहिंमें 25000 हजार खां वधीक समाज जा भाउरनि जे वहिरो वठण जी संभावना आहे।


01.06.2012_Daharsen's Invitation